34 साल बाद छठ पर्व पर बन रहा है ये महासंयोग

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Chhath Pooja, Mahasanyog, Jyotish, Dharm

आज से सूर्य उपासना के महापर्व छठ का आगाज हो गया है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी की तिथि तक भगवान सूर्यदेव की अटल आस्था का पर्व छठ पूजा मनाया जाता है. चार दिन तक चलने वाले इस आस्था के महापर्व को मन्नतों का पर्व के महत्व का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें किसी गलती के लिए कोई जगह नहीं होती इसलिए शुद्धता और सफाई के साथ तन और मन से भी इस पर्व में जबरदस्त शुद्धता का ख्याल रखा जाता है.

34 साल बाद बन रहा है महासंयोग

छठ महापर्व मंगलवार 24 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. पहले दिन मंगलवार की गणेश चतुर्थी है. पहले दिन सूर्य का रवियोग भी है. ऐसा महासंयोग 34 साल बाद बन रहा है. रवियोग में छठ की विधि विधान शुरू करने से सूर्य हर कठिन मनोकामना भी पूरी करते हैं. चाहे कुंडली में कितनी भी बुरी दशा चल रही हो, चाहे शनि-राहु कितना भी भारी क्यों ना हों, सूर्य के पूजन से सभी परेशानियों का नाश हो जाएगा. ऐसे महासंयोग में यदि सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हवन किया जाए तो आयु बढ़ती है.

इस साल छठ की तिथियां

24 अक्टूबर 2017 (चतुर्थी) : नहाय-खाय

25 अक्टूबर 2017 (पंचमी) : खरना

26 अक्टूबर 2017 (षष्ठी) : शाम का अर्घ्य

27 अक्टूबर 2017(सप्तमी) : सुबह का अर्घ्य, सूर्य छठ व्रत का समापन

नहाय खाय की विध‍ि और इससे जुड़ीं सावधानियां

 

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