Home राज्य #Digitalindia: मोबाइल स्वाइप करते ही खुल जाएगा मेट्रो प्लेटफॉर्म का गेट

#Digitalindia: मोबाइल स्वाइप करते ही खुल जाएगा मेट्रो प्लेटफॉर्म का गेट

14
0
SHARE

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘डिजिटल इंडिया’ से कोलकाता मेट्रो को भी रंगने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने टिकट के लिए बुकिंग काउंटरों पर लंबी लाइनों में लगने वाले यात्रियों की कठिनाई को दूर करने के लिए मेट्रो रेलवे में स्मार्ट डिजिटल टिकट प्रणाली को शुरू करने की योजना बनाई है।

मेट्रो भवन में इसका सफल परीक्षण भी कर लिया गया है। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो तीन माह में योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद यात्रियों को टोकन की जगह अपना मोबाइल फोन गेट पर स्वाइप करना होगा। इसके बाद यात्री आसानी से प्लेटफॉर्म के अंदर प्रवेश कर सकते हैं।

मेट्रो रेल सूत्रों के अनुसार स्मार्ट डिजिटल टिकट प्रणाली को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने तैयार किया है। मेट्रो रेल भवन में मेंबर ट्रैफिक (रेलवे बोर्ड) मोहम्मद जमशेद और महाप्रबंधक एमसी चौहान की उपस्थित में आधुनिक प्रणाली का परीक्षण भी किया गया।

स्मार्ट टिकट के लिए मेट्रो स्टेशनों पर स्मार्ट गेटों में लगे सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जाएगा, ताकि गेट पर लगा सेंसर मोबाइल के क्यूआर कोड की पहचान कर सके। वर्तमान में बुकिंग काउंटर से लिए गए टोकन या स्मार्ट कार्ड को गेट पर लगाकर यात्री अंदर प्रवेश करते हैं। सूत्रों के अनुसार सॉफ्टवेयर को बदलने में करीब तीन माह का वक्त लगेगा। इसके बाद स्मार्ट डिजिटल टिकट प्रणाली को यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

कैसे काम करेगा स्मार्ट टिकट

यात्री को स्मार्ट फोन पर मेट्रो रेलवे कोलकाता का एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन टिकट खरीदना होगा। टिकट बुक करते ही यात्री के मोबाइल पर त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड भेजा जाएगा। वही कोड यात्री का नंबर होगा। यात्रा के दौरान मेट्रो के प्लेटफॉर्म पर लगे स्मार्ट गेट पर यात्री को अपना मोबाइल स्वाइप करना होगा। गेट पर लगा सेंसर मोबाइल में प्रदर्शित होने वाले कोड को सत्यापित कर अंदर जाने की अनुमति दे देगा। यात्री को यही प्रक्रिया प्लेटफॉर्म से निकलते वक्त अपनानी पड़ेगी।

 

loading...

LEAVE A REPLY