नितीश कुमार

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बिहार में ‘सुशासन बाबू’ के नाम से मशहूर नीतीश कुमार राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं. वे एक मंझे हुए राजनेता हैं.  सोशल इंजीनियरिंग के जादूगर नीतीश कुमार को छह बार बिहार के मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त है. विचारों से समाजवादी नीतीश कुमार काफी सुलझे हुए नेता माने जाते हैं.

बिहार के नालंदा जिले के कल्याण बिगहा के रहने वाले नीतीश बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. साल 1974 में जयप्रकाश नारायण के ‘संपूर्ण क्रांति’ के जरिए राजनीति का ककहारा सीखने वाले नीतीश बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने जमाने के धाकड़ नेता सत्येंद्र नारायण सिंह के भी काफी करीबी रहे हैं.

साल 1985 में नीतीश पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य बने और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. साल 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने और 1989 में जनता दल के सचिव बनाए गए. साल 1989 में पहली बार नीतीश बाढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बने. वे दो बार रेलमंत्री भी रह चुके हैं.

साल 2000 में नीतीश पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे लेकिन महज 7 दिनों के लिए. साल 2005 में नीतीश की पार्टी जेडीयू ने बीजेपी के साथ मिलकर 15 साल पुरानी लालू-राबड़ी सरकार को उखाड़ फेंका और नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने. ‘न्याय के साथ विकास’ मूलमंत्र के साथ सत्ता में आये नीतीश के कार्यकाल में बिहार की सड़कें सुधर गईं, बिजली की आपूर्ति पहले से ज्यादा होने लगी, पटना में कई पुल और फ्लाईओवर बने और  बिहार में विकास दिखने लगा. साल 2010 में प्रदेश की जनता ने फिर प्रदेश की कमान सुशासन बाबू को सौंप दी लेकिन कार्यकाल के पूरा होने के पहले ही 2014 के लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार का जिम्मा लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

22 फरवरी 2015 को उन्होंने एक बार फिर बिहार की कमान संभाली और महागठबंधन की सरकार बनाई. इनकी पार्टी ने लालू की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़कर बीजेपी पार्टी से हाथ मिला लिया और फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने. साल 2017 में नीतीश कुमार छठी बार सत्ता पर काबिज़ हुए हैं.

मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 1 लाख स्कूली शिक्षकों की भर्ती की ताकि इनके राज्य में पढ़ाई का स्तर बेहतर हो सके और लोगों को रोजगार भी मिल सके. सामाजिक सुधार के लिए शराबबंदी जैसे कठिन फैसले लेने वाले नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य और लड़कियों की शिक्षा के लिए भी कई अहम कार्य किए हैं. 2019 के आम चुनाव में बिहार में नीतीश कुमार एनडीए का चेहरा हैं और दोबारा एनडीए को सत्ता में लाने के लिए संकल्पित दिख रहे हैं. ‘चलो, नीतीश के साथ चलो’ नारे के साथ उन्होंने चुनावी बिगुल फूंक दिया है.

 

 

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