पाकिस्तान क्रिकेट टीम के वरिष्ठ ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज ने 3 जनवरी 2022 को अपने 18 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को विराम दे दिया। साल 2003 में जिंबाब्वे के खिलाफ वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले हफीज ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच नवंबर 2020 में टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।

इसमें उनकी टीम हार गई थी। उन्होंने शुरू में ही घोषणा की थी कि 2020 टी20 विश्व कप उनका अंतिम असाइंमंट होगा, लेकिन कोविड​​-19 के कारण टूर्नामेंट के स्थगित होने से उनका टीम के साथ रहने का समय बढ़ गया। उन्होंने 55 टेस्ट, 218 एकदिवसीय और 119 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलकर अपने करियर का अंत किया। हफीज हालांकि, टी20 फ़्रेंचाइज़ी क्रिकेट के लिए खेलना जारी रखेंगे।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉमेट में कुल 12,780 (टेस्ट में 3652, वनडे इंटरनेशनल में 6614 और टी20 इंटरनेशनल में 2514) रन बनाए और 253 विकेट (टेस्ट में 53, वनडे इंटरनेशनल में 139 और टी20 इंटरनेशनल में 61) लिए हैं।

पाकिस्तान पंजाब के सरगोधा में 17 अक्टूबर 1980 को जन्में मोहम्मद हफीज ने अब तक 210 फर्स्ट क्लास, 340 लिस्ट ए और 354 टी20 मैच भी खेले हैं। इसमें उन्होंने क्रमशः 12169, 11402, 7488 रन और 253, 256 और 196 विकेट भी लिए। इस हिसाब से उन्होंने अपने अब तक के क्रिकेट करियर में 43,839 रन और 958 विकेट लिए।

हफीज ने अपने करियर के दौरान 32 मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीते थे। जो सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान के खिलाड़ियों में चौथी सबसे बड़ी उपलब्धि है। हफीज से ज्यादा पाकिस्तान के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड शाहिद अफरीदी (43), वसीम अकरम (39) और इंजमाम-उल-हक (33) ने ही जीते हैं।

मोहम्मद हफीज क्रिकेट बिरादरी में ‘प्रोफेसर’ के रूप में लोकप्रिय हैं। हफीज 2007 में बेहद खूबसूरत नाजिया हफीज के साथ शादी के बंधन में बंधे थे। हफीज की तरह नाजिया हफीज भी क्रिकेट की दीवानी हैं। वह उन क्रिकेटर्स की पत्नियों में से हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपने पति के साथ रहना और उनका साथ देना पसंद करती हैं।

मोहम्मद हफ़ीज़ ने अपने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा, ‘मैंने जिस यात्रा की शुरुआत 18 साल पहले पाकिस्तान क्रिकेट से की थी, आज मैं उससे आधिकारिक तौर पर संन्यास लेना चाहता हूं। मैंने बड़े गर्व के साथ पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया।’

उन्होंने कहा, ‘इस दौरान मैंने जो भी खेला, वह सम्मान के साथ खेला और चाहे वह मैदान पर हो या गतिविधियों से हटकर, मैंने पाकिस्तान का झंडा ऊंचा करने की कोशिश की। मैं अपने करियर और उपलब्धियों से बहुत खुश और संतुष्ट हूं। मैंने पूरे गर्व के साथ पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया।’