डबल मर्डर: चुनावी रंजिश में भाई बन बैठ भाई का दुश्मन, अपनों के खून से रंग लिए हाथ

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मेरठ  : परतापुर में सगे ताऊ ने रंजिशन दो साथियों के साथ मिलकर दिन-दहाड़े अपने भतीजे व बुजुर्ग भाभी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी. मौके पर पहुंची एसएसपी मंजिल सैनी ने घटनास्थल का जायजा लिया. तीन युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया.वहीं, एसएसपी ने परतापुर थाने के इंस्पेक्टर रघुराज सिंह, एसएसआई संजय कुमार, दरोगा दिलशाद अहमद, बीट इंचार्ज सिपाही पंकज और अंकुश को सस्पेंड कर दिया.

मिली जानकारी के अनुसार परतापुर थाना क्षेत्र के सोरखा गांव में बलविंद्र उर्फ भीलू परिवार के साथ रहता है. बुधवार दोपहर 12 बजे वह कार से जा रहा था. कुछ ही दूरी पर बाइक सवार उसके ताऊ मांगे उर्फ विनय समेत तीन युवकों ने उसे रोक ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. जिससे भीलू की मौके पर ही मौत हो गई.

इसके बाद तीनों बदमाश बाइक पर सवार होकर उसके घर पर पहुंचे. घर भोलू की मां निछत्तर कौर पर पिस्टल से अंधाधुंध गोलियां चलाई. इस कारण निछत्तर कौर की मौके पर ही मौत हो गई.

डबल मर्डर करने के बाद तीनों बदमाश बाइक छोड़कर पैदल ही खेत की तरफ भाग निकले. गांव में दो मर्डर की खबर से अफरा-तफरी मच गई. मौके पर एसएसपी मंजिल सैनी समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. परतापुर थाने में तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया. पुलिस ने एक हत्यारोपी तरूण को दबोच लिया.

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है. सीसीटीवी में तीनों युवक निछत्तर कौर पर गोली चलाते हुए साफ दिख रहे है.

पिता की भी हुई थी हत्या

एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि गत 16 अक्टूबर, 2016 में बलविंद्र उर्फ भीलू के पिता नरेंद्र चौधरी की उसके भतीजे मालू उर्फ सोबिर और मांगे ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी. सोबिर तब से जेल में बंद है और मांगे तभी से फरार था.

गुरुवार को होनी थी गवाही

नरेंद्र चौधरी के मर्डर केस में उनके बेटे बलविंद्र और उनकी पत्नी निछेत्तर कौर की गुरुवार को कोर्ट में गवाही थी. गवाही न देने पर पिछले कई दिनों से दबाव बनाया जा रहा था. लेकिन न मानने पर मांगे उर्फ विनय ने साथियों के साथ मिलकर मां-बेटे की हत्या कर दी.

चुनाव से शुरू हुई रंजिश

एसपी सिटी मान सिंह चौहान का कहना है कि गांव में प्रधान के चुनाव में मालू उर्फ सोबिर चुनाव लड़ा था. जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था. जिसके चलते मालू उर्फ सोबिर ने नरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

जेल से मिल रही थी धमकी

परिजनों के मुताबिक मालू उर्फ सोबिर पिछले छह महीने से जेल से केस में समझौता करने का दबाव बना रहा था. समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था. अब उसने अपने भाई के साथ मिलकर बलविंद्र व उसकी मां की हत्या करवा दी.

 

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