राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के बंटवारे और कमजोरी से भाजपा और आरएसएस को ही फायदा होगा। रविवार को कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद बिनॉय वश्चिम ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के विघटन से केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही फायदा होगा। भाकपा नेता ने कहा, ‘भारत में वामपंथी पार्टियां विघटित कांग्रेस की जगह नहीं भर पा रहे हैं। इससे आरएसएस और भाजपा को उस जगह को भरने में मदद मिलेगी।’ उन्होंने कांग्रेस के साथ ही वामपंथी दलों के भी कमजोर होने पर चिंता जाहिर की।

भाकपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस को नेहरूवादी सिद्धांतों पर रहते हुए इस तथ्य को समझना चाहिए और इस संकट से उबरने के लिए आगे आना चाहिए। भाकपा द्वारा कांग्रेस के साथ सहयोग को लेकर तैयार किए गए राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे के मद्देनजर उन्होंने यह टिप्पणी की है। इससे पहले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का राजनीतिक विकल्प नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ केवल वाम दल ही विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने आज समारोह में कहा कि कांग्रेस भाजपा को नेताओं की आपूर्ति करने का एक मंच बन गई है।

कांग्रेस को चुभेगी टीएमसी के बाद वामपंथी दलों की टिप्पणी

केरल के सीएम से पहले टीएमसी समेत कई अन्य दल भी कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर बताते हुए दूसरे दलों के आगे आने की वकालत कर चुके हैं। अब वामपंथी नेताओं की यह टिप्पणी कांग्रेस की चिंताओं को बढ़ाने वाली है। बता दें कि यूपी चुनाव में अखिलेश यादव भी कई बार कांग्रेस को कमजोर बताते हुए कह चुके हैं कि उसे एक भी सीट नहीं मिलेगी। गौरतलब है कि कांग्रेस को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिल पाई थी। यही नहीं यूपी, बिहार समेत कई बड़े राज्यों में वह अप्रासंगिक होती दिख रही है।