मंदिर परिसर में भगदड़ के चलते 12 श्रद्धालुओं की मौत के बाद वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बुकिंग के नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग ही करा सकेंगे। ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था खत्म की जा रही है। अभी 13 किलोमीटर की ट्रैकिंग के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में बुकिंग करा सकते हैं। लेकिन बड़ी संख्या में लोग कटरा पहुंचने पर ऑफलाइन स्लिप ही लेते थे। औसतन हर दिन 28,000 लोग कटरा पहुंचकर ही बुकिंग कराते थे। महज 2,000 लोग ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा का इस्तेमाल करते थे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई श्राइन बोर्ड की मीटिंग में यह फैसला लिया गया है।

बोर्ड की ओर से रविवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि उसने अपने सीईओ रमेश कुमार से कहा है कि कुछ जरूरी कदम तत्काल उठाए जाने की जरूरत है। इन कदमों को उठाने से क्राउड मैनेजमेंट होगा, ढांचे पर ज्यादा दबाव नहीं बढ़ेगा। इन कदमों से एक है, टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग, ट्रैक पर भीड़ कम करना और एंट्री एवं एग्जिट के लिए रास्तों को पूरी तरह से अलग करना। भगदड़ के बाद श्रद्धालुओं ने श्राइन बोर्ड की आलोचना की थी और कहा था कि दिन भर में 25,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं को आने की परमिशन नहीं दी जानी चाहिए।

शनिवार को हुए हादसे का असर रविवार को देखने को मिला। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या कम थी। इससे पहले गुरुवार से शनिवार तक भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। रविवार को संख्या कम होने की एक वजह नए साल के बाद यात्रियों के लौटने और हादसे के बाद लोगों की सतर्कता को माना जा रहा है। दरअसल ऑफलाइन बुकिंग के चलते टिकट काउंटरों पर भारी भीड़ की स्थिति हो जाती थी। यही नहीं लोग यात्रा प्लान कर लेते थे और सीधे वहीं पहुंचकर टिकट लेते थे। इससे अव्यवस्था देखी जा रही थी। हादसे के बाद श्राइन बोर्ड ने भविष्य ऐसी किसी भी अनहोनी को टालने के लिए इस तरह के फैसले लिए हैं।