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अगले साल जिन 800 इंजिनियरिंग कॉलेजों को बंद किया जाना है। देश भर में चल रहे इंजीनियरिंग संस्‍थानों में 27 लाख सीटें खाली पड़ी हैं। AICTE ने इन कॉलेजों की लिस्‍ट को सार्वजनिक नहीं किया है। अभी कॉलेजों से कहा गया है कि सितंबर के दूसरे सप्‍ताह तक वे अपनी रिपोर्ट दाखिल करें। जिन कॉलेजों में पिछले पांच सालों में 30 प्रतिशत से कम एडमिशन हुए हैं, उन्‍हें या तो बंद किया जाएगा या दूसरे कॉलेजों के साथ जोड़ दिया जाएगा।

ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के मुताबिक, ये कॉलेज खम्मा, कोडाड, वारंगल, यचराम मंडल, नरसामपेट और निजामाबाद में फैले हुए हैं। बता दें कि उनमें से 50 से ज्यादा तेलंगाना के कॉलेज हैं। इस साल भी तेलंगाना में ऐसे 64 कॉलेज बंद हुए हैं।

AICTE नियम के अनुसार, उन कॉलेजों को अगले ऐकडेमिक बंद करना होगा जहां लगातार पांच साल से 30 फीसदी से कम दाखिले हुए हैं और उचित आधारिक संरचना का अभाव है। उन कॉलेजों को अन्य विकल्प निकटतम कॉलेज में विलय करने का दिया गया है। पिछले पांच सालों में इन कॉलेजों में दाखिले में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसे देखते हुए फैसला लिया गया है कि अगले साल से चार वर्षीय कार्यक्रम में इन कॉलेजों को नए दाखिले लेने पर रोक लगा दी जाएगी।