ट्रांसजेंडर

देश के ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए एक खुशखबरी है। ट्रांसजेंडर्स के उच्च शिक्षा के लिए बड़ा फैसला लेते हुए इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने सभी ट्रांसजेंडर्स स्टूडेंट्स को बिल्कुल मुफ्त में ऐडमिशन देने का फैसला लिया है। अभी तक इग्नू सेक्स वर्कर्स, जेल में बंद कैदियों और बुनकरों को फ्री एजुकेशन मुहैया कराती रही है।

लखनऊ की क्षेत्रीय निदेशक मनोरमा सिंह के मुताबिक, ‘ट्रांसजेंडरों को फ्री एजुकेशन की यह सुविधा देश भर के सभी सेंटरों पर चलाई जाएगी। हमने इस संदर्भ में ट्रांसजेंडर्स ऐक्टिविस्ट से मदद मांगी है। हमारी इस मुहिम का मकसद थर्ड जेंडर्स में भी एजुकेशन को प्रमोट करना है।’ भारत में 54 क्षेत्रीय सेंटरों के साथ ही 3 हजार से अधिक स्टडी सेंटर्स हैं। अकेले यूपी में ही करीब 150 स्टडी सर्कल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी यूनिवर्सिटी में रेग्युलर बैचलर कोर्स करने के लिए ट्रांसजेंडर्स के लिए शायद ही कोई प्रोविजन है। यदि कहीं ट्रांसजेंडर्स के लिए ऐडमिशन फॉर्म में कोई विकल्प है भी, तो उन्हें फॉर्मल डॉक्युमेंट के अभाव में दूर कर दिया जाता है। इग्नू में ऐडमिशन के लिए ट्रांसजेंडर्स को ट्रांसफर और माइग्रेशन के जैसा कोई डॉक्युमेंट नहीं प्रोवाइड कराना पड़ेगा। उनकी पहचान को आधार या फिर किसी अथॉरिटी से जारी सर्टिफिकेट से ही वेरिफाई किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अन्य स्टूडेंट्स की ही तरह ट्रांसजेंडर्स भी अपनी पसंद के किसी प्रोग्राम में इनरोल हो सकते हैं। इस दौरान उन्हें सभी तरह की मदद दी जाएगी। सोशल साइंस, साइकोलॉजी, साइंस, टूरिज्म, मैनेजमेंट, एजुकेशन में इग्नू 228 ऐकडेमिक और प्रोफेशनल कोर्स ऑफर करता है। इग्नू के जुलाई सत्र में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने का अंतिम दिन 16 जुलाई और अन्य प्रोग्राम के लिए अंतिम दिन 31 जुलाई है।