नवाजुद्दीन ने कास्टिंग डायरेक्टर को दिया करारा जवाब, कहा- सच बताने के लिए शुक्र‍िया

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नवाजुद्दीन

एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड के उन चुनिंदा कलाकारों में एक हैं जिनकी एक्टिंग का लोहा सभी मानते हैं। मगर ये बात भी सच है कि बॉलीवुड एक ग्लैमर इंडस्ट्री है और यहां पर रंगभेद जैसी चीजों भी मौजूद हैं। हाल में नवाज ने इस मुद्दे पर बोलते हुए काफी अच्छी और चुभने वाली बात कही है।

नवाज ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट करते हुए लिखा कि मुझे यह एहसास दिलाने के लिए शुक्रिया कि मैं किसी गोरे और हैंडसम के साथ काम नहीं कर सकता क्योंकि मैं काला हूं और मैं दिखने में भी अच्छा नहीं हूं। मगर मैंने कभी उन चीजों पर खास ध्यान ही नहीं किया।

नवाजुद्दीन का यह ट्वीट उन सबके मुंह पर एक कड़ा तमाचा है, जिन्होंने उनके लुक्स और रंग को तवज्जो देते हुए कभी उन्हें काम देने से इनकार कर दिया था। आपको बता दें कि हाल ही में नवाजुद्दीन ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि एक समय ऐसा था जब उनके लिए टेलीविजन की दुनिया में भी अपने लिए रोल पाना कितना मुश्किल था।

नवाजुद्दीन ने कहा था कि एक आउटसाइडर होने के कारण कई बार लोग यह तक कह देते थे कि मैं एक्टर की तरह नहीं दिखता क्योंकि न तो मेरे सिक्स पैक ऐब्स हैं और न ही मैं लंबा-चौड़ा और हैंडसम हूं। यहां तक कि लोग मेरे रंग-रूप के आधार पर मुझे जज करते।

कहां से उठा है मामला-
नवाजुद्दीन ने यह ट्वीट ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ के कास्ट‍िंग डायरेक्टर संजय चौहान के उस बयान पर किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे गोरी और खूबसूरत हिरोइनों को उनके अपोजिट कास्ट नहीं करते सकते।

संजय ने अपनी एक स्टेटमेंट में कहा था कि फिल्म की स्क्र‍िप्ट के साथ ही नवाजुद्दीन का नाम तय हो गया था। पहले उनके अपोजिट चित्रांगदा सिंह को लिया गया था, मगर उनके छोड़कर जाने के बाद फिल्म की हिरोइन की तलाश नए सिरे से हुई। नवाजुद्दीन को ध्यान में रखते हुए ही सारे कलाकार चुने गए क्योंकि उनके अपोजिट साफ रंग की एक्ट्रेस नहीं ली जा सकती थी.

खैर इन सब बातों का नवाज के टैलेंट पर कोई असर नहीं पड़ा और आज अपनी मेहनत के दम पर वो जहां पहुंचे हैं, वहां तक बहुत कम लोग ही पहुंच पाते हैं। हाल ही में श्रीदेवी के साथ फिल्म ‘मॉम’ में एक अलग अंदाज़ में नजर आए। नवाज जल्द ही टाइगर श्रॉफ के साथ ‘मुन्ना माइकल’ के साथ ही ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ में भी नजर आएंगे।