PAK-US

आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फटकार से नाराज पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ बातचीत और द्विपक्षीय दौरों को स्थगित कर दिया है। यह जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने सीनेट को दी है।

पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘द डॉन’ ने विदेश मंत्री के हवाले से बताया है कि ऐसा पाकिस्तान ने अमेरिकी बयानबाजी के प्रति विरोध प्रकट करने के लिए किया है। पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को गंभीरता से लिया है। आपको बता दें कि गत दिनों अमेरिका की दक्षिण एशिया संबंधी नीति घोषित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आतंकियों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान पर जमकर बरसे थे।

पाकिस्तान ने विरोध स्वरूप ही अमेरिका के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री (दक्षिण व मध्य एशिया) एलिस वेल्स के मंगलवार से होने वाले पाकिस्तान दौरे को भी रद कर दिया है। अमेरिका के अफगानिस्तान रणनीति में भारत से सहयोग मांगने को लेकर आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान भारत की अफगानिस्तान में किसी प्रकार की सैन्य भूमिका नहीं देखता है। पाकिस्तान भारत को कभी भी पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देगा। संसद सदस्यों ने सरकार से इस बात पर ब्योरा देने की मांग की है कि आतंकवाद से लड़ते हुए पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कितना नुकसान हुआ है।

विदेश सचिव तहमीना जांजुआ ने बताया है कि अमेरिका की नई नीति के संदर्भ में आगे की रणनीति तय करने को पाकिस्तान के राजनयिकों की पांच से सात सितंबर तक बैठक बुलाई गई है। वैसे पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी सितंबर के तीसरे हफ्ते में अमेरिका जाएंगे, जहां वह संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली की बैठक में भाग लेंगे। संभव है कि उनकी इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत हो। इससे पहले पाकिस्तान की अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी।