Kartik Mass

इस साल कार्तिक का महीना 06 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। यह 04 नवंबर तक रहेगा। हिन्दू धर्म में कार्तिक महीने का खास महत्व है।

ऐसी मान्यता है कि यह महीना भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे अनुकूल समय होता है। इस महीने में श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी और नारायण की पूजा करने वाले जातकों को कभी धन की कमी नहीं होती।

महत्व-
कार्तिक मास हिन्दू धर्म में अत्यधिक पवित्र महीना माना जाता है। यह चातुर्मास का अंतिम मास है. इसी महीने से देव तत्व मजबूत होता है। इस महीने में धन और धर्म दोनों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं। यही वजह है कि इसी महीने में तुलसी का रोपण और विवाह सर्वोत्तम होता है। कार्तिक महीने में दान का भी खास महत्व है। इस माह में दीपदान और दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है।

कार्तिक महीना मौसम में आए बदलाव का भी प्र‍तीक है। इसलिए इस महीने के आने के साथ ही जीवनशैली और खानपान में भी बदलाव आता है। जानिये, दिनचर्या और खानपान में कौन से बड़े बदलाव होते हैं।

कार्तिक महीने में खान पान और जीवनचर्या का क्या महत्व और नियम है-
कार्तिक मास आते ही खानपान में भी बदलाव आ जाता है। यह माना जाता है कि कार्तिक महीने से ही सर्दियों की शुरुआत होती है, इसलिए इस महीने से स्निग्ध चीजें और मेवे खाने की सलाह दी जाती है। जिन चीजों का स्वभाव गर्म हो और लम्बे समय तक ऊर्जा बनाए रखें, ऐसी चीजों को खाना चाहिए।

इस महीने में दाल (दलहन) खाने की मनाही की गई है। सूर्य की किरणों का स्नान भी इस महीने से उत्तम माना जाता है। इस महीने में दोपहर में सोने की भी मनाही की गई है।