Terrorist Surrender, Kashmir Valley, Kashmir Footballer, Anantnag

श्रीनगर, कहते हैं माँ की दुआओं में बड़ा असर होता है. इसका प्रत्यक्ष असर देखने को मिला घाटी में, जहाँ आतंकवादी संगठन से जुड़ चुके युवक ने अपनी माँ की गुहार सुनकर सरेंडर कर दिया.  गुरुवार देर रात 11:30 बजे कश्मीर के फुटबॉलर माजिद इरशाद खान ने साउथ कश्मीर के डीआईजी के सामने सरेंडर कर दिया. फिलहाल वह अवंतिपोरा में विक्टर फोर्स के साथ है.

उसके पिता ने कहा कि हम चाहते हैं कि वह वापस आ जाएं. साथ ही उसके पिता ने कहा कि पुलिस हमें बता रही है कि वो उसे वापस लाएंगे. उसके दोस्त और परिवार वाले बहुत परेशान और चिंतित हैं.

आपको बता दें कि घाटी में 20 साल का एक फुटबॉल खिलाड़ी माजिद इरशाद खान एक आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया था. अक्टूबर महीने के आखिरी दिनों में वह  खिलाड़ी लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया था. ऐसा माना जा रहा है कि खिलाड़ी अपने दोस्त यावर निसार शेरगुजरी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के बाद आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया. शेरगुजरी आतंकवादी था और वह अनंतनाग में अगस्त महीने में सुरक्षाबलों द्वारा मुठभेड़ में मारा गया था.

 खान ने 29 अक्टूबर को एक फेसबुक पोस्ट के आतंकवादी ग्रुप में शामिल होने के बारे में इशारा किया था. उसने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, ‘जब शौक ए शहादत हो दिल में, तो सूली से घबराना क्या.’ बता दें कि खान 9 क्लास से लोकल फुटबॉल क्लब का मेंबर था.

 

खिलाड़ी की मां आयशा ने सोशल मीडिया के ज़रिये एक वीडियो जारी कर उससे वापसी की गुहार लगाई थी. वीडियो में उसकी मां बोल रही है कि लौट आओ और हमारी जान ले लो, उसके बाद चले जाना. तुम मुझे किसके लिए छोड़ गए?