मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैंने इस्तीफा देने के बाद अपनी बात रखी थी। नई सरकार के गठन के बाद मैंने अपनी बात रखी। नीतीश ने बताया कि उन्होंने गठबंधन की सरकार चलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नहीं चल पाई। जिसके बाद मेरे पास कोई और दूसरा विकल्प नहीं बचा था।

नीतीश कुमार ने बताया कि हमने गठबंधन धर्म निभाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि आरजेडी की बयानबाजी के कारण ही ऐसा हुआ है।

मुख्यमंत्री नीतीश ने इस दौरान आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर टिप्पणी भी की। नीतीश ने कहा कि लालू यादव ने कुछ भी साफ नहीं किया। लालू तेजस्वी यादव पर कुछ नहीं बोले। नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ने को बिहार की जनता के हित में लिया गया फैसला करार दिया।

नीतीश ने कहा- ‘सीबीआई की रेड के बाद मैंने कई बार लालू यादव से बात की थी। सीबीआई की रेड पर लालू यादव ने बीजेपी को नया पार्टनर मिलने की बात कहते हुए शुक्रिया कहा, जिसका बहुत गलत संदेश गया।’

नीतीश ने कहा तेजस्वी पर बात साफ की। उन्होंने कहा ”तेजस्वी ने मुझसे पूछा कि आप ही बता दें क्या सफाई दूं। मैंने उनसे तथ्यों के साथ सफाई देने को कहा, मगर ऐसा लगा कि उनके पास सफाई देने के लिए कुछ नहीं था। वो स्पष्टीकरण देने की स्थिति में नहीं थे।”

तेजस्वी यादव कह रहे हैं भ्रष्टाचार का जो आरोप उन पर लगा है, उस वक्त वो नाबालिग थे। नीतीश ने कहा कि ये तर्क उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को समझा सकता है, मगर आम जनता को नहीं।