शादी

योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश में होने वाली शादियों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने जा रही है। इसका प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में आ सकता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश में शादियों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाने की बात कही थी। कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश, केरल और बिहार में सरकारें इसे लागू कर चुकी हैं। योगी सरकार भी प्रदेश में इसे लागू करने की तैयारी कर रही है।

शादी का रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले जोड़ों पर नकेल कसने की भी सरकार की योजना है। सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने जा रही है जिसके तहत शादियों का रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले जोड़ों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का मानना है कि एक बार रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर देने से विवाह संबंधी विवादों में कमी आ सकती है।

बता दें कि पूर्व में ही योगी सरकार ने विवाह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए महिला कल्याण विभाग को नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया गया था।

अखिलेश यादव के शासनकाल में भी 2015 में मंत्री अहमद हसन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी। इस समिति की सिफारिशों में मुस्लिम समुदाय को छूट देने की खबरें भी मीडिया में आई थीं, लेकिन आखिरी में कोई नियम नहीं बन सका।