शिक्षामित्रों

सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को प्रदेश में शिक्षा मित्रों के समायोजन को लेकर अहम फैसला सुनाया था, लेकिन प्रदेश के करीब 1.72 लाख शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट का फैसला रास नहीं आया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार 1 अगस्त को शिक्षामित्रों के साथ एक बैठक का आयोजन किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के साथ बैठक का आयोजन किया है। यह बैठक राजधानी लखनऊ स्थित एनेक्सी भवन में दोपहर 1 बजे आयोजित की गयी है। मुख्यमंत्री योगी ने बातचीत के लिए शिक्षामित्रों को बुलाया है।

कोर्ट ने कहा था कि समायोजित किए गए 1.72 लाख शिक्षामित्र नहीं हटाए जाएंगे। लेकिन, उन्हें भतिर्यों के लिए दो मौके मिलेंगे जिसके अंदर उन्हें परीक्षा पास करनी होगी। उत्तर प्रदेश में 1.72 लाख शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित करना है। आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था।

इसके बाद शिक्षामित्र इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। SC ने कहा था कि, जो भी पक्षकार लिखित रूप से अपना पक्ष रखना चाहता है वह एक हफ्ते के भीतर रख सकते हैं।

गौरतलब है कि 12 सिंतबर 2015 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के करीब 1.72 लाख शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन को निरस्त कर दिया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।