रफ्तार

भारतीय रेल हमेशा खानपान की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायतों से जूझती रही है, लेकिन वह अब यात्रियों की इन शिकायत को दूर करने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। दरअसल, रेलवे ने हर दो घंटों के बाद ‘बेस किचेन’ में तैयार किया गया ताजा खाना यात्रियों को परोसने की योजना बनाई है।
ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को यह शिकायत होती है कि ट्रेन में मिलने वाले खाने की क्वालिटी खराब होती है साथ ही एक और बात जिससे हर यात्री परेशान होता है कि ट्रेनों में निजी विक्रेताओं द्वारा जो खाना उपलब्ध कराया जाता है वह काफी महंगे होते हैं।

प्रभु ने कहा क‍ि, ‘हमने अपने यात्रियों को अच्छी गुणवत्ता का खाना देने का निर्णय लिया है और इसके लिए हमने अनेक स्थानों पर रसोईघर बनाने का निर्णय लिया है ताकि यात्रा के हर दो घंटे पर ताजा खाना वहां से लिया जा सके।’ खाद्य और पेय उद्योग जगत, स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों और आईआरसीटीसी एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस राउंड टेबल सम्मेलन में हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य नई खानपान नीति के तहत एक रोडमैप तैयार करना था, जिससे रेल परिसरों में बेहतरीन खानपान सेवा मुहैया कराई जा सके।

रेल यात्रा के दौरान ओवर चार्जिंग करने वाले और ख़राब खाना देनेवाले कम्पनियों को प्रभु ने ब्लैक लिस्ट करने को धमकी दी है। साथ ही उन्होंने रेल मुसाफिरों से अपील की है कि वो बिना हिचक के इसकी शिकायत कर सकते हैं वो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।