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जोहानिसबर्ग, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खेला जा रहा है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 2 विकेट गंवा कर 45 रन बना लिए हैं. विराट कोहली (24) और चेतेश्वर पुजारा (5) क्रीज पर हैं.

रहाणे और भुवनेश्वर की वापसी

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और साउथ अफ्रीका की टीम को गेंदबाजी दी. टीम इंडिया में दो बदलाव हुए हैं, रोहित शर्मा की जगह अजिंक्य रहाणे और रविचंद्रन अश्विन की जगह भुवनेश्वर कुमार प्लेइंग इलेवन में शामिल हैं. इसके अलावा साउथ अफ्रीका की टीम में केशव महाराज की जगह एंडिले फेहलुकवायो शामिल हुए हैं.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए शुरुआती दो टेस्ट मैचों में हार झेलने के बाद सीरीज गंवा बैठी दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम के सामने अब अपना सम्मान बचाने की मुश्किल चुनौती है.

अफ्रीका में भारत का कभी नहीं हुआ क्लीन स्वीप

1992 से अब तक अफ्रीका में टीम इंडिया का क्लीन स्वीप नहीं हुआ है. भारत छह बार दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर चुका है और 1996-97 में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 2-0 से हारा था. भारत 2006 के बाद से पिछले तीन दौरों पर एक टेस्ट जीतने या ड्रॉ कराने में कामयाब रहा है.

जोहानिसबर्ग में भारत का रिकॉर्ड शानदार

जोहानिसबर्ग के वांडरर्स मैदान पर भारत का रिकॉर्ड अच्छा रहा है. भारत ने इस मैदान पर चार टेस्ट (नवंबर 1992 , जनवरी 1997, दिसंबर 2006 और दिसंबर 2013) खेले हैं और एक भी गंवाया नहीं है.

भारत ने यहां 2006 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में टेस्ट जीता था, जिसमें श्रीसंत ने 99 रन देकर आठ विकेट लिये थे.

टीम इंडिया

टीम इंडिया के लिए यह दौरा अभी तक चुनौतियों से भरा रहा है. केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मेजबान टीम के तेज गेंदबाजों के सामने भारत का मजबूत बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया तो वहीं दूसरे टेस्ट मैच में अपने देश से थोड़ी अनुकूल स्थिति की विकेट पर भी भारत जीत हासिल नहीं कर सका.

तीसरे मैच में जिस विकेट पर भारत को दक्षिण अफ्रीका के साथ खेलना है वो भी तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जा रही है. ऐसे में मेजबान टीम का गेंदबाजी आक्रमण भारत को एक बार फिर नाको चने चबबा सकता है.

नबंर-1 टेस्ट टीम बनने पर साउथ अफ्रीका की नजरें: वर्नोन फिलेंडर

विराट कोहली की टीम की कोशिश इस टेस्ट मैच को जीत या ड्रॉ कराते हुए वनडे सीरीज की शुरुआत से पहले मानसिक बढ़त लेने की होगी. हालांकि किसी भी लिहाज से उसके लिए यह आसान नहीं होगा.

साउथ अफ्रीका

साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी कप्तान फाफ डु प्लेसिस, हाशिम अमला, एबी डिविलियर्स और डीन एल्गर के भरोसे है. टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों मेजबान टीम के लिए अभी तक अच्छी रही हैं. सीरीज पर पहले ही कब्जा जमा चुकी मेजबान इस मैच में कुछ प्रयोग कर सकती है.

मेजबान अच्छी स्थिति में होने के बाद भी भारत को हल्के में लेने की गलती नहीं करेंगे. वो जानते हैं कि भारत जख्मी शेर है जो पलटवार करने का भरपूर माद्दा रखता है.

वर्नोन फिलेंडर, कैगिसो रबाडा, मोर्ने मोर्केल जैसे गेंदबाजों ने भारत का जीना मुहाल कर रखा है. वहीं दूसरे मैच से टेस्ट में पदार्पण करने वाले लुंगी नगीदी ने भी सभी को अपने बेहतरीन प्रदर्शन से प्रभावित किया था. विकेट का जो स्वाभाव है उसके हिसाब से चौथे या पांचवें दिन स्पिन गेंदबाजों को कुछ मदद मिल सकती है.

प्लेइंग इलेवन:

भारत: मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, पार्थिव पटेल (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह.

दक्षिण अफ्रीका: डीन एगर, एडेन मार्करम, हाशिम अमला, एबी डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), क्विंटन डि कॉक (विकेटकीपर), एंडिले फेहलुकवायो, मोर्ने मोर्कल, वेर्नोन फिलैंडर, कैगिसो रबाडा, लुंगी नगीदी.

 

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