समाजवादी इत्र बनाने वाले सपा एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन पर आयकर विभाग का शिकंजा कंसता जा रहा है। सोमवार सुबह आयकर के अफसर उन्हें कन्नौज से कानपुर के स्वरूप नगर स्थित रतन प्रेसिडेंसी के पांचवें फ्लोर पर 503 नंबर फ्लैट पर लेकर पहुंचे। पिछले दिनों छापेमारी के दौरान पम्पी जैन के छोटे भाई अतुल जैन का यह फ्लैट सील किया गया था। आज सील तोड़कर अंदर पूछताछ हो रही है। अब तक की जांच में आयकर विभाग को दस करोड़ रुपये की फर्जी खरीद और दस करोड़ की बोगस इंट्री के दस्तावेज मिले हैं, इनकी जांच की जा रही है। इससे पहले मिडिल ईस्ट से करीब 40 करोड़ रुपये के निवेश के कागजात पाए गए थे। बड़ी संख्या में सीज कागजातों की जांच की जा रही है।

आयकर विभाग ने पम्पी जैन और मलिक ग्रुप के कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और हाथरस के 35 परिसरों पर छापेमारी की थी। शनिवार तक कानपुर और लखनऊ सहित 15 परिसरों की जांच पूरी हो गई थी। रविवार को 8 और दफ्तर, गोदाम और कॉरपोरेट ऑफिसों की जांच हो गई। अभी भी 12 जगह छानबीन चल रही है।
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक पम्पी जैन के मुंबई स्थित घर से दो करोड़ रुपये पहले ही मिल गए थे। साथ ही मिडिल ईस्ट से लगभग 40 करोड़ के निवेश के प्रमाण मिले थे। इसके आगे की पड़ताल में खुलासा हुआ कि पम्पी जैन ने कोलकाता की बोगस कंपनियों के जरिए दस करोड़ रुपये की इंट्री ली। इन कंपनियों की पड़ताल में सभी फर्जी पाई गईं। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद-बिक्री के प्रमाण भी मिले हैं। यह भी पाया गया कि कागजों में कुल कारोबार में आधा मुनाफा और आधी बिक्री दिखाई जा रही थी। इसकी जांच में बिल ही बोगस मिले। कानपुर स्थित पम्पी जैन के बहनोई के दोनों घर सील हैं, अभी इनकी जांच नहीं की गई है। वहीं, मलिक ग्रुप के यहां साढ़े तीन करोड़ रुपये कैश मिलने के साथ तमाम कागजों और रजिस्टरों को सील किया गया है।